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आजाद बोले पीएम बनने के बाद भी मोदी नहीं भूले अपने जड़े... अल्वी ने कांग्रेस को दी नसीहत!

{जम्मू में गुलाम नबी आजाद के" एकजुट प्रदर्शन" के बाद कांग्रेस में असंतुष्ट नेताओं (जी 23) और राहुल गांधी के बीच दरार ख...

{जम्मू में गुलाम नबी आजाद के" एकजुट प्रदर्शन" के बाद कांग्रेस में असंतुष्ट नेताओं (जी 23) और राहुल गांधी के बीच दरार खुलकर सामने आ गई |शनिवार को शांति सम्मेलन में भगवा पगड़ी पहनकर ने संकेत देने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने रविवार को कहा -कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जैसे नेताओं को पसंद करते हैं| जिन्हें अपनी जड़ों पर गर्व है |इसके साथ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी चाय विक्रेता के रूप में अपने अतीत के बारे में खुलकर बोलते हैं |इधर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राष्ट्रीय दारू पार्टी को नसीहत देते हुए भाजपा से सीख लेने को कहा है }

 खास बातें ~
° कांग्रेस में असंतुष्ट नेता हर दिन दिखा रहे नया रूप
° देशभर में बैठक करने की तैयारी कर रहे कांग्रेस के `बागी´
° राशिद अल्वी ने भी भाजपा से सीख लेने को कहा

 नई दिल्ली| कांग्रेस पार्टी से नाराज बताए जा रहे हैं` ग्रुप 23 ´के नेताओं में शामिल है हाल ही में राज्यसभा से रिटायर हुए  गुलाम नबी आजाद ने पीएम मोदी की तारीफ की है| उन्होंने पीएम मोदी को जमीन से जुड़ा हुआ नेता, बताते हुए कहा कि लोगों लोगों को  उनसे  सीख लेनी चाहिए कि...कामयाबी की बुलंदियों पर जाकर भी कैसे अपनी जड़ो को याद रखा जाता है |उन्होंने पीएम मोदी के बचपन में चाय बेचने की घटना का,जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी असलियत कभी नहीं छुपाई |
          गुलाम नबी आजाद ने जम्मू कश्मीर में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, बहुत से लीडरों की बहुत सी बातें अच्छी लगती है |मैं खुद गांव का हूं,और बहुत फक्र होता है |हमारे पीएम मोदी भी कहते हैं... कि गांव से हैं कहते हैं,  कहते हैं कि बर्तन माँजाता था,चाय बेचता था |निजी तौर पर हम उनके खिलाफ हैं लेकिन जो अपनी असलियत नहीं छुपाते..यदि अपने अपने असली छुपाई है तो आप मशीनरी दुनिया में जी रहे होते हैं |
           गौरतलब है कि गुलाम नबी आजाद के रिटायरमेंट पर राज्यसभा में पीएम मोदी ने उनकी जमकर तारीफ की थी और यहां तक कि उनसे जुड़ी एक घटना को याद करके भाग भी हो गए थे | पीएम मोदी ने आजाद को सैल्यूट किया था |बाद में गुलाम नबी आजाद भी भावुक हो गए थे|  गुलाम नबी आजाद पार्टी के 29 नेताओं में प्रमुख चेहरा है जो संगठन चुनाव की मांग को लेकर मोर्चा खेल चुके हैं |1 दिन पहले इन नेताओं ने जम्मू में सभा की थी, और कहा था कि कांग्रेस को मजबूत करना चाहते है|

• कांग्रेस हाईकमान से नाराजगी
 कांग्रेस हाईकमान की कार्यप्रणाली को लेकर गुलाम नबी आजाद,कपिल सिब्बल सरीखे नेता कई बार खुले मन से सवाल उठा चुके हैं |पार्टी से नाराज हुए सीनियर नेता उनकी g-23 के नाम से भी जाना जाता है| इन्होंने कांग्रेस के अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखी थी...जिसमें पार्टी को चलाने के तौर तरीके पर सवाल उठाए गए थे |

• कॉन्ग्रेस  एक्शन की जल्दबाजी में नहीं..
 बहरहाल कांग्रेस जल्दबाजी में नहीं है और इन नेताओं को शांत करने के लिए सतर्कता से आगे बढ़ रहे हैं |पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता ने उन्हें सम्मानित कहकर संबोधन किया है |कि कांग्रेस ने हालांकि नेताओं से योगदान को सराहा लेकिन साथ ही यह भी कहा कि उन्हें इस वक्त पांच राज्यों के चुनाव पर ध्यान केंद्रित कर पार्टी के लिए काम करना चाहिए |

• अरबी बोले दिन रात मेहनत करते हैं भाजपा कार्यकर्ता
 राशिद अल्वी ने कहा कि भगवा पार्टी के मुकाबले के लिए उनकी कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं को भी 24 घंटे काम करने की जरूरत है |राशिद अल्वी ने एक न्यूज़ एजेंसी में कहा कि अमित शाह की अपनी रणनीति है |कांग्रेस पार्टी को चुनावों में जीत के लिए रणनीति बनाने की जरूरत है| सभी छोटे बड़े चुनावों में पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के लिए भाजपा के कार्यकर्ता दिन रात मेहनत करते हैं| कांग्रेस ने कहा कि बीजेपी के कार्यकर्ता पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ते |

• आंसुओं के बाद अब तारीफों की बारी
 राज्यसभा में विपक्ष के नेता रहे गुलाम नबी आजाद के  विदाई समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनका जमकर तारीफ की थी |तब गुजरात के लोगों पर कश्मीर में हुए एक आतंकी घटना का जिक्र कर मोदी ने आजादी की खूब तारीफ की और भावुक हुए |और उन्होंने उस वक्त जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री रहे गुलाम नबी आजाद को सैल्यूट भी किया बाद में आजाद भी भावुक हो गए |



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