•मरने वालों में ज्यादातर युवा जो रेलवे की परीक्षा देने जा रहे थे सतना • पीएम रिलीफ फंड से मोदी ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख...
• पीएम रिलीफ फंड से मोदी ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख व सीएम चौहान ने पांच ₹500000 मुआवजे का ऐलान किया
'जब सारे देश में बसंत पंचमी का उल्लास मौसम बन रहा था, तब सतना के पास यात्रियों को मौत पानी बन कर लील रही थी, किसी को नहीं मालूम था कि उनको मौत क्यों आई?वह तो सतना रीवा के सफर पर ही थे पर अब वे अंतिम सफर पर ही निकल गए|
इसलिए हुआ हादसा?
° क्षमता से ज्यादा सवारी
सीधी से सतना जा रही बस सामान्य ना होकर छोटी बस की श्रेणी में आती है, जिससे 32 प्लस 2 छात्रों के बैठने के लिए सीट थी| लेकिन कंडक्टर और ड्राइवर की लापरवाही देखें तो इनमें कुल 54 यात्री सवार थे |क्षमता से अधिक यात्रियों के होने के कारण बस के संतुलन खोने का खतरा था,जिनकी अनदेखी हादसे की एक वजह बनी|
°तय वक्त से पहले तड़के 3:00 बजे से निकल गई
बसों की रवानगी का समय तक रहता है,सीधी से सतना जाने वाली बस का समय अभी तय था| सुबह 5:00 बजे से रवाना होना था |बस तय समय से पहले यानी सुबह 3:00 बजे ही गंतव्य की ओर चल दी |अंधेरे में ही गंतव्य की ओर चलती बस,रास्ते की में हादसे का शिकार हो गई |हादसा करीब 8:00 बजे सुबह में हुआ, लेकिन संभव है कि ड्राइवर को झपकी आने की वजह से दुर्घटना हो गई|
° छूहिया घाटी से होकर जाना था पर ड्राइवर ने रूट बदल दिया
सरकार जब किसी बस को परमिट देती है, उस समय उसका रूट भी तय कर दिया जाता है |परिवहन विभाग के नियमों के मुताबिक,तय रोड से अलग रास्ते पर बस संचालन अपराध है| बस को सीधी मार्ग पर चुहिया घाटी से होकर सतना जाना था, लेकिन यहां जाम की वजह ड्राइवर ने रूट बदल दिया|
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