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° ऋषि गंगा घाटी में अब भी197लापता सुरंग में घुसी सेना,16 और शव बरामद°

 •उत्तराखंड के चमोली जिले के तपोवन में रविवार को कुदरत ने जो कहर बरपाया,उसकी गवाही चप्पा चप्पा दे रहा है |गंगा जैसे साफ नदियां ऋ...


 •उत्तराखंड के चमोली जिले के तपोवन में रविवार को कुदरत ने जो कहर बरपाया,उसकी गवाही चप्पा चप्पा दे रहा है |गंगा जैसे साफ नदियां ऋषि गंगा और धौलीगंगा मलबे से अब काली पड़ चुकी है |एनटीपीसी प्रोजेक्ट की साइट पर आईटीबीपी, और एनडीआरएफ के जवान पिछले 20 घंटे से ढाई किलोमीटर की लंबी टनल में फंसे लोगों को बचाने के लिए जूझ रहे हैं| अब तक केवल 100 मीटर हिस्सा साफ हो पाया है इस आपदा में 197लोग लापता बताए जा रहे हैं वहीं अब तक 26 शब्द बरामद हुए हैं|

• हाल ही में गिरी बर्फ बनी बड़ी वजह
 मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि इस रूप के निदेशक ने सैटेलाइट इमेज के आधार पर जानकारी दी है,कि ऋषि गंगा केचमेंट एरिया में ग्लेशियर नहीं टूटा |बल्कि हाल में हुई बर्फबारी में जमीन कच्ची बर्फ पहाड़ी की चोटी के साथ खिसक गई|

• जहां पावर प्रोजेक्ट है वहां के ऐसे हालात
 रेडी गांव जहां ऋषि गंगा पावर प्रोजेक्ट है वहां के करीब 40 से 45 लोग लापता हैं |जो लोग बह गए हैं उनकी बॉडी अभी तक नहीं मिली |यहां के हालात देखकर लगता है कि किसी के जिंदा बचने की गुंजाइश कम ही है| कुछ लोग अपने रिश्तेदारों को ढूंढने पहुंचे हैं,जब वह अफसरों से पूछते हैं,तो अफसर मलबे की ओर इशारा कर देते हैं ;कि इसे देखो | पीआरओ का एक पुल भी बह गया,चुनौती इसे जल्द से जल्द ठीक करने की है; क्योंकि पुल ढहने के कारण पूरी नीति घाटी का संपर्क बाकी देश से कट गया है| इसके अलावा 30 गांव की सड़क मार्ग से पूरी तरह कट चुके हैं|

 देहरादून /नई दिल्ली उत्तराखंड के चमोली जिले की ऋषि गंगा घाटी में रविवार को अचानक आई विकराल बाढ़ से प्रभावित क्षेत्र में बचाओ और राहत अभियान में सोमवार को तेजी आ गई |जबकि आपदा में मरने वालों की संख्या 18 पहुंच गई है |जबकि 202 अन्य लोग लापता है| ऋषि गंगा घाटी के रंडी क्षेत्र में हिना खन टूटने से ऋषि गंगा और धौली गंगा नदियों में अचानक आई बाढ़ से, क्षतिग्रस्त 13.2 मेगा वाट, ऋषि गंगौर 480 मेगा वाट, के निर्माणाधीन तपोवन विष्णु गाड़, पनबिजली परियोजनाओं में लापता लोगों की तलाश,के लिए सेना भारत तिब्बत सीमा,पुलिस राष्ट्रीय आपदा मोचन के जवान के बचाव और राहत अभियान में,जुड़ जाने से इसमें तेजी आ गई है|
           उत्तराखंड राज्य बुद्धा परिचालन केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार,आपदा में अब तक 202 लोगों के लापता होने की सूचना है| जबकि 18 की शव बरामद हो चुके हैं |अधिकारियों ने बताया कि,लापता लोगों में पनबिजली परियोजनाओं में कार्यकर्ता लोगों के अलावा,आसपास के गांव के स्थानीय लोग भी हैं जिनके घर बाढ़ के पानी में बह गए| आपदा प्रभावित क्षेत्र तपोवन क्षेत्र में बिजली परियोजना की छोटी सुरंग से 12 लोगों को कल रविवार को बाहर निकाल दिया गया था जबकि 250 मीटर लंबी दूसरी सुरंग में फंसे 35 लोगों को बाहर निकालने के लिए अभियान जारी है| बचाव और राहत अभियान में बुलडोजर,जेसीबी आदि भारी मशीनों के अलावा किसी और से फिर कुत्तों का उपयोग किया जा रहा है| हाला की सुरंग के घुमावदार होने के कारण उसमें से मलबा निकालने तथा अंदर तक पहुंचने में मुश्किलें आ रही हैं,रविवार को मुख्यमंत्री रावत ने आपदा प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया था |और सोमवार को हॉस्पिटल क्षेत्र के लिए रवाना हो गए|


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