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•पीएम मोदी बोले- किसान आंदोलन पवित्र लेकिन आंदोलन जीवि कर रहे `अपवित्र´

~ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब दिया| इस दौरान पीएम मोदी ने...


~ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब दिया| इस दौरान पीएम मोदी ने किसान आंदोलन को लेकर एक बार फिर आंदोलन जीवो पर निशाना साधा| पीएम मोदी ने कहा कि मैं किसान आंदोलन को पवित्र मानता हूं,लेकिन आंदोलन जीबी इसे अपने लाभ के लिए इसकी पवित्रता को बर्बाद कर रहे हैं| हमें आंदोलन कार्यों एवं आंदोलन जीवीओ में फर्क करने की जरूरत है| पीएम मोदी ने किसानों से अपील की आइए टेबल पर बैठकर चर्चा करें और समाधान निकालें|

{ भड़के पीएम मोदी बोले -अधीर रंजन जी अब ज्यादा हो रहा है|}
 खेती से जुड़े कानूनों का बचाव करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बोलना शुरू किया तो कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ठोकने लगे इस पर पीएम मोदी ने पहले हंसते हुए उन्हें चुप कराया नोकझोंक के बीच मोदी ने स्पीकर से कहा कि अब यह सब भी चलते रहना चाहिए लेकिन जब टोका टाकी बढ़ गई तो प्रधानमंत्री भड़क गए|

• कांग्रेस ने कलर देखा कंटेंट नहीं
पीएम मोदी ने कहा कि स्कूलों का हाल में तीन कृषि कानून लाए गए |यह सुधार आवश्यक है,बरसों से हमारे कृषि क्षेत्र चुनौतियों महसूस कर रहा है |उससे निपटने के लिए हमने प्रयास किया| या कांग्रेस के साथियों ने कानून के कलर पर काफी चर्चा की ब्लैक है कि वाइट|

• गेहूं चावल तक सीमित ना रहे किसान
  मोदी ने कहा कि हमारा किसान आत्मनिर्भर बने, उसे अपनी उपज बेचने की आजादी मिले |उस दिशा में काम करने की आवश्यकता है |हमारा किसान से गेहूं चावल तक सीमित ना रह कर दुनिया में जो आवश्यक है उसको उत्पादन करके बेचे|

• ना खेलब ना खेले देव खेलिए बिगाड़ अब
 पीएम मोदी ने किसान आंदोलन को लेकर विपक्ष पर जोरदार तंज कस दिया| प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस जो देश की सबसे पुरानी पार्टी थी, जिसे करीब छह दशक राज  किया उसकी बुरी दशा हो गई है |भोजपुरी में एक कहावत है ना खेल अपना खेले देव खेले बिगाड़|

 नई दिल्ली| चीन में कृषि कानूनों को लेकर कांग्रेस सहित कुछ विपक्षी दलों पर 'झूठ एवं अफवाह' फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह कानून किसी के लिए 'बंधन नहीं बल्कि एक विकल्प है 'ऐसे में विरोध का कोई कारण नहीं है| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा पहली बार इस सदन में यह नया तर्क आया कि हमने मांगा तो दीया क्यों?  आपने लेना नहीं हो तो किसी और पर कोई दबाव नहीं है| प्रधानमंत्री के भाषण के बीच में कांग्रेस के सदस्य विरोध जताते हुए सदन से उठ गए| मोदी ने कहा कि इस देश में दहेज के खिलाफ कानून बने ,इसकी मांग किसी ने नहीं की, प्रगतिशील देश के लिए जरूरी था,इसलिए कानून बना| मोदी ने कहा कि इस छोटे से देश के किसान को कुछ पैसे मिले, इसकी किसी भी किसान संगठन ने मांग नहीं की,लेकिन प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत उनको हमने ध्यान देना शुरू किया| उन्होंने कहा कि तीन तलाक कानून, शिक्षा का अधिकार कानून,बाल विवाह कानून, को रोकने के कानून की किसी ने नहीं मांग की, लेकिन समाज के लिए जरूरी था इसलिए कानून बना| प्रधानमंत्री ने कहा मांगने के लिए मजबूर करने वाली सोच लोकतंत्र की नहीं हो सकती| गौरतलब है कि कांग्रेस,तृणमूल कॉन्ग्रेस सहित कुछ विपक्षी दलों के सदस्यों ने,चर्चा के दौरान कहा था कि जब किसानों ने इस कानूनों की मांग नहीं की तब इसे क्यों लाया गया| विपक्षी दलों ने सरकार से तीन विवादित कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग की है,इस मुद्दे पर पिछले 2 महीने से अधिक समय से,दिल्ली की सीमा,पर पंजाब, हरियाणा,उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों के काफी संख्या में किसान विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं| प्रधानमंत्री ने निचले सदन में कहा कि कानून बनने के बाद किसी भी किसान से मैं पूछना चाहता हूं कि पहले जो हक और व्यवस्थाएं उनके पास थी,उनमें से कुछ भी इस नए कानून ने छीन लिया है क्या? इसका जवाब कोई देता नहीं है, क्योंकि सब कुछ वैसा का वैसा ही है| उन्होंने कहा किसानों की पवित्र आंदोलन को बर्बाद करने का काम,आंदोलनकारियों ने नहीं आंदोलन जीवो ने किया है|इसलिए देश को आंदोलनकारियों और आंदोलन चीजों के बारे में फर्क करना बहुत जरूरी है| प्रधानमंत्री ने सवाल किया कि दंगा करने वाले,संप्रदाय वादी, आतंकवादियों,जो जेल में है उनकी फोटो लेकर उनकी मुक्ति की मांग करना, यह किसान आंदोलन को अपवित्र करना है| उन्होंने कहा किसान आंदोलन को मैं पवित्र मानता हूं |भारत के लोकतंत्र में आंदोलन का महत्व है,लेकिन जब आंदोलन जीवी पवित्र आंदोलन को अपने लाभ के लिए पवित्र करने निकल पड़ते हैं तो क्या होता है?सदन में कांग्रेस सदस्यों की टोका टोकी के संदर्भ में मोदी ने कहा- कि संसद में यह जो हो हल्ला,यह आवाज हो रही है यह रुकावट डालने का प्रयास हो रहा है |एक सोची-समझी रणनीति के तहत हो रहा है| उन्होंने कहा रणनीति यह है कि जो झूठी अफवाह फैलाई गई है उसका पर्दाफाश हो जाएगा |इसलिए हो-हल्ला मचाने का खेल चल रहा है| मोदी ने कहा कानून लागू होने के बाद ना देश में कोई मंडी बंद हुई,ना एमएसपी बंद हुआ,यह सच्चाई है |इतना ही नहीं यह कानून बनने के बाद एमएसपी की खरीद भी बढ़ी है| उन्होंने दोहराया ` कानून किसी के लिए बंधन नहीं सभी के लिए विकल्प है´ अगर विरोध का कारण नहीं होता| मंत्री ने कहा कि देश का सामर्थ्य बढ़ाने में सभी का सामूहिक योगदान है |और जब सभी देशवासियों का पसीना लगता है,तभी देश आगे बढ़ता है |उन्होंने कहा देश के लिए सार्वजनिक क्षेत्र बहुत जरूरी है,तो निजी क्षेत्र का योगदान भी जरूरी है| उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री की इस टिप्पणी को, कांग्रेस एवं कुछ दलों द्वारा चुनिंदा कॉरपोरेट घरानों पर टिप्पणी पर टीका टिप्पणी करने का संदर्भ में देखे जा रहे हैं|प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में प्राइवेट सेक्टर का भी बहुत बड़ा योगदान है|

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